नहीं बचा सका

मैं रहना चाहता था, 
तुम्हारे साथ क्योंकि 
मुझे पता था कि
बच जायेगा मेरे अंदर का कवि 
तुम्हारे साथ। 

मैं होना चाहता था बूढ़ा 
तुम्हारे साथ क्योंकि 
मुझे पता था कि
बच जाएगा मेरा कौतूहल
तुम्हारे साथ। 
मैं हर साल तुम्हारे साथ होना चाहता था,
क्योंकि
मुझे पता था कि
मेरा जो मैं है 
वो बस बच सकता है बस तुम्हारे साथ।

क्योंकि इतना सब कुछ 
मैं नहीं बचा सकता अकेला।।

Comments

Popular posts from this blog

छठ एक एहसास

माँ! के नाम पत्र

बारिश के रंग, खुद ही खुद के संग ♥️♥️