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खाली पीली

लोगों को कठोर दिख रहा हू मैं आज कल मैंने नरम होने की कीमत चुकाई है आज मैं उदास हूं खुश रहने के लिए  कल मुझे सूखे पत्तों सा समेट कर किसी ने आग लगायी है कल तक मेरी खूबियाँ बताते नहीं थकते थे जो  उसी ने आज मुझमे बहुत सी कमियां बतायी है.       ✒️ नीलेश सिंह 

खाली पीली

आए है और बड़ी शान से आए हैं हम जमीन पर आसमान से आए हैं हम  महक रहा है आपका आँगन हमारे आने से हैरत क्यू फ़ूलों के खानदान से आए हैं हम.  खाली पीली 

खाली पीली

दर्द देंगे वो सिसकियाँ देंगे हम है काग़ज़ वो सिसकियाँ देंगे  जुगनुओं ने शराब पी ली है  अब वो सूरज को गालियां देंगे  आ गयी इश्क में अब वो नौबत  डाकिये घर आ कर चिट्ठियां देंगे  मेरे बीमार पड़े चेहरे को  अब अपने होंठो की सुर्खियां देंगे  हाँ सुना है वो फूल जैसी है - 2 तोहफे मे उसको तितलियां देंगे आप जो बैठने नहीं देते संग अपने अब खुद उठ कर हमे कुर्सियाँ देंगे  विष्णु विराट 

नवरात्रि

तुम इज़्ज़त करना हर स्त्री की 365 दिन. 9दिन माता रानी आपसे खुश रहेगी 

खुशी

कभी-कभी आप दूसरों को खुशी देने निकलेंगे तो आपको निराश होने के अलावा कुछ और नहीं मिलेगा.आप अपने को खुश रख ले ये जीवन की उपलब्धियों से कम नहीं है. 

नाना पाटेकर

आ गए सब मेरी मौत का देखने तमाशा खत्म हुआ सांसों का खेल,खत्म हुई आशा.  जिंदगी थी तो एक उसूल था  पहले लात, फिर बात और फिर मुलाकात का रूल था  पर मौत से जब हुई अपनी बात  बदल गए सारे हालात.  चीख चीख कर दुनिया को ये बात बतायी थी  ये हिन्दू मुसलमान का खून सब एक है मिला कर ये बात बतायी थी कहा था इंसान बन कर जीओगे तो जी जाओगे वर्ना धर्म के चक्कर में मारे जाओगे वक़्त जब हमारा था तो गोली भी हमारी थी  ज़ालिमों के आगे न झुकने वाली जुबान हमारी थी  आवाज कड़क थी मगर दिल का फकीर था  जानता सिस्टम का सच था जानता हर तस्वीर था  वह जानता था हर सच जानता था  सिस्टम के सामने मरेगा आदमी ही हर दर्द पहचानता था  जो कहता था भगवान का दिया सब कुछ है उसके पास मगर जाते ज़ाते कह गया अंतिम समय की लकड़ी है उसके लिए खास  पर्दा गिर चुका है रंगमंच का सन्नाटा अब छाने दो  फकीर अपने लिए लकड़ी तक जमा कर गया चैन से उसे जाने दो

almost प्यार

इंसान दो चीजों से बना है, एक दुःख और दूसरा सुख का इंतजार. प्यार सुख की उम्मीद और दुख के खतम होने के इंतजार के बीच एक पुल की तरह है.