धूल माथे लगी
तेरा मेरा जो मिलन हो गया, मन मेरा ये सारा चमन हो गया
बैठा मौन जब तेरे संग मै, चुप रह कर सारा भजन हो गया
फासले मिट गए बीच ऐसे, मुझमे तू तुझमे मैं मगन हो गया
हाथों ने हाथों को छुआ ही सही,सिहरन से विचलित बदन हो गया
माथे पर बिंदी लगी थी तेरे, आंखे झुकी और नमन हो गया
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